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महाशिवरात्रि का महत्व/महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

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महाशिवरात्रि का महत्व/महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?
महाशिवरात्रि का त्यौहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार माघ के महीने में अमावस्या के दिन मनाया जाता है हिंदू संस्कृति में महत्वपूर्ण देवों के देव महादेव की पूजा अर्चना करके इसे मनाया जाता है।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन के पश्चात रात को महाशिवरात्रि के रूप में जाना जाने लगा और लोग बड़ी श्रद्धा के साथ पर्व को मनाने लगे।
महाशिवरात्रि का त्यौहार भगवान शिव के बारे में कई कहानियों से जुड़ा हुआ है जिन्हें सनातन हिंदू धर्म में संघार कर्ता के रूप में जाना जाता है। आमतौर पर महाशिवरात्रि शिव और देवी पार्वती की जयंती के रूप में मनाया जाता है
महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है।
महाशिवरात्रि का महत्व/महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

विभिन्न ग्रंथों के अनुसार इसका वर्णन अलग अलग है धार्मिक पुराण के अनुसार शिवरात्रि को उस दिन मनाया जाता है।
जब भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान निकले हुए हलाहल विष से समस्त संसार को बचाया था।
इस कहानी का वर्णन इस प्रकार है कि जब समुद्र मंथन चल रहा था तभी वहां से एक हलाहल नामक विष पैदा हुआ,
हलाहल विष में ब्रह्मांड को नष्ट करने की क्षमता थी इसलिए विष  केवल भगवान शिव ही  नष्ट कर सकते थे भगवान शिव ने हलाहल विष को अपने कंठ में रख लिया था जहर इतना शक्तिशाली था कि भगवान शिव दर्द से पीड़ित थे उनका गला बहुत नीला हो गया था इस कारण से भगवान शिव को नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है।
महाशिवरात्रि का महत्व/महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

देवताओं ने भगवान शिव को प्रसन्न रखने के लिए रात भर जगने की सलाह दी, इस प्रकार भगवान शिव के चिंतन में एक सतर्कता रखी गई भगवान शिव का शांत रखने के लिए देवताओं ने रात भर शिव आराधना की बेल पत्र धतूरा आदि से पूजा अर्चना की और अलग अलग नृत्य और संगीत बजने लगे।
जैसे सुबह हुई उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन सभी को आशीर्वाद दिया इसी घटना को बाद में शिवरात्रि के नाम से जाने जाना जाने लगा तभी से वक्त का उपवास करते हैं भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हैं पूरी रात भगवान शिव की आराधना करते हैं।
महाशिवरात्रि का महत्व/महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

भारतवर्ष में 12 ज्योतिर्लिंग है जो कि भगवान शिव को समर्पित है

१)सोमनाथ मंदिर यह गुजरात राज्य में है।

२) श्री शैल मल्लिकार्जुन यह साउथ में है कृष्णा नदी के किनारे स्थित है।

३) श्री रामेश्वरम यह तमिलनाडु में है भगवान राम के द्वारा श्री लंका पर चढ़ाई करने से पहले उसकी स्थापना की गई।

४) काशी विश्वनाथ मंदिर विश्व प्रसिद्ध मंदिर जो कि बनारस उत्तर प्रदेश में है।

५) केदारनाथ यह हिमालय की दुर्गम चोटियों पर स्थित उत्तराखंड में है।

६) घुमेश्वर यह मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिला में स्थित है।

७) त्रयंबकेश्वर मंदिर यह महाराष्ट्र के नासिक शहर में स्थित है।

८) बैजनाथ यह बिहार में स्थित है।

९) भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग यह महाराष्ट्र में स्थित है बीमा नदी के किनारे।

१०) नागेश्वर ज्योतिर्लिंग यह गुजरात में स्थित है द्वारिका धाम के निकट।

११) मध्य प्रदेश के नर्मदा तट पर स्थित ओकारेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है।

१२)  मध्यप्रदेश में जहां उन्होंने दैत्यों का नाश किया था महाकाल उज्जैन में स्थित है।

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