राफेल पर नेताओं का फेल पास का चक्कर, कौन है इसमें पास और कौन है इसमें फेल? "जय हो राफेल"

 राफेल लड़ाकू विमान
चलिए दोस्तों आज बात करते हैं राफेल विमान की, कौन क्या कह रहा है?अब क्या करें भैया?जैसे ही हम राफेल विमान  के बारे में सोचते हैं,सिर्फ और सिर्फ कन्फ्यूजन ही हाथ लगती है अब हम क्या करें बताओ ?
तो भैया करो यह ठंडा पानी पियो,आराम से टीवी पर डिबेट देखो नेताओं की और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से जुड़े महान् पत्रकारों की, अगर राम मंदिर पर हजारों,तो सैकड़ों डिबेट राफेल पर भी हो चुके होगी।
सुनने के लिए अब नई नई खबरें आ रही है इसको लेकर, तो भैया सच तो हम भी नहीं जानते,सच तो भगवान जानता है,या सरकार जानती हैं।।
यह बात सत्य है भारतीय वायु सेना को पिछले कई दशकों से कोई नया विमान नहीं मिला हमारे पास अत्याधुनिक किस्म का कोई भी विमान नहीं हैं
हमारे पड़ोसी देश चाइना के पास हाई टेक्नोलॉजी से परिपूर्ण विमानों की तादात हैं।
राफेल एक अच्छा विकल्प है पर देश में आ ही नहीं पा रहे,पहले सैकड़ों आने को थे फिर 36 आने को थे।
2-4 भी नहीं आ पाया अभी तक, इसका कारण क्या है?
दोस्तो, हम यहां किसी प्रकार की राजनीति करने नहीं बैठे आइए हम आज आपको बताते हैं 
 राफेल लड़ाकू विमान
राफेल लड़ाकू विमान कितना शक्तिशाली लड़ाकू विमान है।
उसके बारे में कुछ बातें...
Pilot -:             1–2
लंबाई -:             50.1 fit
पंख फैलाव-:      35.4 fit
ऊंचाई-:             17.5 fit
पंख क्षेत्र:           492 fit
खाली वजन:      10,300 kg
उपयोगी भार-:    15,000 kg
उड़ते हुए वजन-:  24,500 kg
इंजन-:               एम888-2 के दो इंजन
गति-:                1389 किलोमीटर प्रति घंटा
मारक क्षमता-:     3700 किलोमीटर
राफेल एक दो इंजन वाला मध्यम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। इसे फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन बनाती है। राफेल लड़ाकू विमानों को 'ओमनिरोल' विमानों की श्रेणी में रखा गया है, जो किसी भी युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने की क्षमता रखते हैं। यह लड़ाकू विमान हवाई हमला, जमीन में सेना की मदद और दुश्मन पर बड़े हमले को अंजाम दे सकती है। इसके अलावा परमाणु हथियारों के खिलाफ भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। 
गन- GIAT 30/719B
हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल-MICA, IR/ EM, मैजिक II 
हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल-ABDA अपाचे, स्कल्प EG, AALM, GBUू-12, पेववे II, AM 39 एक्जोसेट, ASMP न्यूक्लियर
 राफेल लड़ाकू विमान
राफेल खरीदने की वजह
भारतीय वायुसेना ने छह बड़ी विमान कंपनियों को छांटा। इसमें लॉकहेड मार्टिन का f16, बोइंग AF/A -18 AS, यूरोफाइटर टाइफून, रूस का मिग-35, स्वीडन की साब की ग्रिपेन और डसॉल्ट एविएशन की रफाल विमान थे। 
वायुसेना ने इन छह विमानों के परीक्षण और उनकी कीमत को ध्यान में रखने हुए यूरोफाइटर और राफेल को छांटा। ये सबसे कम कीमत पर मिल रहा था और इसका रखरखाव भी आसान बताया जा रहा था।
 राफेल का मतलब तूफ़ान होता है
ये हैं इसकी खासियतें जो इसे सबसे अलग बनाती हैं।
यह विमान दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है. हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता हैं।
विश्व में इसके सबसे पहले इस्तेमाल फ्रांस की नवी और वायुसेना ने किया था मिस्र की वायु सेना भी इसे इस्तेमाल करती है। अत्याधुनिक हथियारों से लैस राफेल, प्लेन के साथ मेटेअर मिसाइल भी है।।
राफेल लड़ाकू विमान

150 किमी की बियोंड विज़ुअल रेंज मिसाइल हैं, जो हवा से जमीन पर मार करने वाली स्कैल्प मिसाइल की  रेंज 300 किमी, हथियारों के स्टोरेज के लिए 6 महीने की गारंटी होती हैं।
राफेल विमान की स्पीड 2130 किमी/घंटा और इसकी मारक क्षमता 3700 किलोमीटर हैं।
यह विमान 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस हैं, जो कि 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी के साथ,75 प्रतिशत  हमेशा ऑपरेशन के लिए तैयार रहता हैं राफेल। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
अफगानिस्तान और लीबिया में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर चुका है
भारतीय वायुसेना ने अपने हिसाब से फेरबदल किए हैं।

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