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Julian Assange जिससे डरता है अमेरिका भी!

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Julian Assange arrest/Julian Assange जिससे डरता है अमेरिका भी!
Julian Paul Assange

"कौन है वह कौन है वह कहां से वो आया,
जिसने अमेरिका को भी है डराया,
बदले अमेरिका ने उसे धमकाया"


जूलियन पॉल असांजे (Julian Paul Assange)
यह नाम अमेरिका सहित दुनिया भर के कई देशों को बहुत सताता है!
तो आइए जानते हैं जूलियन असांज के बारे में,
कौन है यह, और क्या है इनका व्यवसाय,
और क्यों डरता है इनसे दुनिया का सुपर पावर देश अमेरिका भी।
जूलियन असांजे का जन्म 3 जुलाई 1971 को ऑस्ट्रेलिया के टाउंसविले में हुआ था।
2006 में उन्होंने विकिलीक्स की स्थापना की। विकिलीक्स वह संस्था या व्यवसाय है जो विभिन्न देशों की खुफिया सूचनाओं एवं संवेदनशील दस्तावेज को प्रकाशित करती है। यह दस्तावेज किसी भी सरकार के किसी कंपनी के या संस्था या धार्मिक संगठनों के भी हो सकते हैं।
यह वेबसाइट दस्तावेजों को लिखकर के पुख्ता सबूत के साथ  अपनी वेबसाइट पर डाल देती है। इनका मानना है कि  सरकारी  विभिन्न तरह की जानकारियां  जनता से छुपा लेती हैं उसी को उजागर करना यह अपना धर्म समझते हैं। WikiLeaks  जानकारी उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखती है। अब तक इसमें लगभग 12 लाख प्रपत्र उपलब्ध है।
विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन  असांजे  विकीलीक्स पर काम करने से पहले एक कंप्यूटर प्रोग्रामर और हैकर थे। यही वजह है कि उन्हें इन सब चीजों में माहिर बनाती है जो  एक बहुत ही माहिर जासूस के गुण होते हैं।
जूलियन असांजे ने मेलबर्न यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की।इनके नाम पर एक फिल्म भी बन चुकी है जिसका नाम है 

                       THE FIFTH ESTATE

विकिलीक्स पर उनके कार्यों को दुनिया भर में सराहा गया।दुनिया भर के मीडिया से उन्हें समर्थन मिला।
इन्हीं कामों के लिए उन्हें 2008 में economist freedom of expression का अवार्ड मिला। 2010 में उन्हें Amnesty International Britain media पुरस्कार और सेम एंडरसन पुरस्कार मिला।
इसके साथ ही उन्हें और भी ढेरों नेशनल इंटरनेशनल पुरस्कार मिले।

सबसे ज्यादा ख्याति उन्हें संसार भर में तब मिली जब उन्होंने इराक युद्ध से जुड़े लगभग 4 लाख दस्तावेज अपनी वेबसाइट पर पब्लिकली डाल दिए थे।
जिससे अमेरिका सहित नाटो देशों की दुनिया भर में किरकिरी हुई क्योंकि उन्होंने जिस वीडियो को जारी किया था उस वीडियो में अमेरिकी सैनिकों के द्वारा इराक में आतंकवादियों पर कार्यवाही के नाम पर वहां की आम जनता पर गोलियां बरसाई जा रही थी।
इसका नाम था कॉलेटरल मर्डर फुटेज  यह वीडियो 12 जुलाई 2007 की है जिस समय यूएस आर्मी के ऑफिसर एयर स्ट्राइक के नाम पर इराक में आम पब्लिक पत्रकारो पर अंधाधुंध फायरिंग हुई।
यह वीडियो उन्हें अमेरिका की आर्मी के ही एक ऑफिसर ने उपलब्ध कराया था।
अब अमेरिका ह्यूमन राइट्स का चैंपियन दुनिया को क्या मुंह दिखाएं??
यह बात उन दिनों की है जब अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा हुआ करते थे जो की विश्व में खुद को एक ह्यूमन राइट्स के चैंपियन के तौर पर पेश करने के लिए जाने जाते थे।
बराक ओबामा ने भारत को भी कई बार ज्ञान बांटा ह्यूमन राइट्स को लेकर।

इस वीडियो को सामने आने के बाद अमेरिका की दुनिया भर में खासा किरकिरी हुई।  इसके कारण अमेरिका और जूलियन अंसाजे  का 36 का आंकड़ा हो गया।   अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें इसके लिए सख्त चेतावनी भी दी थी। इसके बाद जूलियन असांजे को गिरफ्तारी के डर से छिप छिप कर दुनिया भर में अपना जीवन व्यतीत करना पड़ा।

एक इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया था कि वह फर्जी नामों के साथ होटलों में रुकते थे,    और अपने बालो का रंग  हुलिया बदल लेते थे। क्रेडिट कार्ड की जगह हमेशा कैश का उपयोग करने लगे।   इसलिए अक्सर उन्हें पैसों की जरूरत पड़ती थी।


Julian Assange arrested/Julian Assange जिससे डरता है अमेरिका भी!
Julian Paul Assange
30 नवंबर 2010 को अंतर राष्ट्रीय लोक अभियोजन अधिकारी ने जूलियन पॉल असांजे के खिलाफ अमेरिका और नाटो के देशों के दबाव में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। 
स्वीडन की एक महिला ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया। 
बाद में दुनिया भर में जूलियन असांजे के प्रति सहानुभूति रखने वाले लोगों में गुस्से का माहौल बना।
10 दिसंबर 2010 को लगभग 500 लोगों ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी टाउन हॉल के बाहर प्रदर्शन किया।।    11 दिसंबर को मैंड्रिन में लगभग  सैकड़ों लोगों ने ब्रिटिश दूतावास के बाहर  Julian Assange की गिरफ्तारी के विरुद्ध प्रदर्शन किया।

 इसी तरह दुनिया भर के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए गए
इन्हीं से सहानुभूति रखने वालों में तत्कालीन ब्राजील के राष्ट्रपति ने भी जूलियन असांजे की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया था।
इसके बाद 10 दिन के अंदर ही जूलियन असांजे जमानत पर रिहा हो गए।
स्वीडन प्रत्यर्पण से बचने के लिए 2012 में जूलियन असांज ने इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली।  बाद में स्वीडन सरकार ने यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया उसके बाद उन पर British कानून तोड़ने के दोषी पाए  गए।

इसके बाद जूलियन असांजे कोई इस बात का  का अंदाजा हो गया था कि अगर आप गिरफ्तारी से बचना है तो किसी देश के दूतावास में शरण लेनी होगी। यहां हम आपको बताते चलें की यदि किसी देश में किसी और देश का दूतावास है तो उस दूतावास की बिल्डिंग में उस देश के ही नियम और कानून चलेंगे जिसका वह दूतावास है।

यही कारण है कि जूलियन असांजे को लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में शरण मिलने के बाद वह गिरफ्तारी से बच गए और लगभग 7 वर्ष उसी दूतावास की बिल्डिंग में रहे अभी हाल फिलहाल दो-तीन दिन पहले खबर आई थी की जूलियन असांजे  को लंदन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
 क्योंकि इक्वाडोर ने अपना दिया और राजनीतिक संरक्षण वापस ले लिया साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष दी गई जूलियन को अपनी नागरिकताा भी वापस ले ली इसके लिए उन्होंने Julian के दुर्व्यवहार को जिम्मेदार बताया। 
उनकी गिरफ्तारी के बाद इक्वाडोर सरकार ने दावा किया कि उसकेे यहां 4 करोड़ से अधिक साइबर हमले हो चुके हैं यह हमने WikiLeaks से जुड़े  हैकरों के द्वारा विभिन्न देशोंं से कि गए हैं।

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