नरेंद्र मोदी के 2019 लोकसभा चुनाव जीतने के बाद विदेशी मीडिया की प्रतिक्रिया

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Reaction of foreigen media after winning Naredra modi's 2019 Lok Sabha election
हमेशा से भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाली पश्चिम मीडिया एक बार फिर भारत के प्रचंड बहुमत को हिंदू राष्ट्रवाद की जीत करार दिया। दुनिया भर के मीडिया मेंं प्रधानमंत्री नरेंद्रर मोदी के चुनाव जीतने के चर्चे हैं।
 किसी ने इसे राष्ट्रवाद तो किसी ने इसे हिंदू राष्ट्रवाद की जीत करार दिया। किसी ने इसे आथिक सुधारों की की जीत बताया तो किसी ने इसे अपने देश के महान लीडर की जीत बताया।

आइए एक नजर डालते हैं संसार के कुछ महत्वपूर्ण अखबारों की हेडलाइंस पर।

अमेरिकी मीडिया-

सीएनएन ने क्या कहा ?
सीएनएन ने कहा कि मोदी ने देश की जनता के सामने खुद को एक आर्थिक सुधारक के रूप में पेश किया। देश की जनता से उन्होंने वादा किया कि वह भारत को फिर से महान बनाएंगे। देश की सुरक्षा के लिये खुद को चौकीदार बताया  उनका यह अपील लोगों के दिलों-दिमाग तक पहुंचा और नजीता सामने है, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने अपनी पार्टी की उम्मीदों से भी अधिक सीट हासिल की। अपनी पार्टी की जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में नई दिल्ली में नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी जीत देश के आम लोगों के लिए उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।"

 न्यूयॉर्क टाइम्स

'नरेंद्र मोदी इंडियाज वॉचमैन, कैप्चर हिस्टोरिक इलेक्शन विक्ट्री' हेडलाइन के साथ न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है, ''वह (प्रधानमन्त्री मोदी ) खुद को भारत का चौकीदार बताते हैं। उनके हिंदुत्व की छवि, राष्ट्रवाद,  विनम्रता और गरीबों के लिए कई योजनाओं के कारण बहुमत हासिल कर उन्हें एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनने में मदद की। साथ ही समाचार पत्र ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्रर मोदी को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर  जीत मिली। चुनाव से पहले कई विश्लेषक कह रहे थे कि भारत की जनता अर्थव्यवस्था से असंतुष्ट है। इसलिए भाजपा हारेगी। इस बीच भारत और पाकिस्तान के बीच आतंक को लेकर तनाव बढ़ गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा मुद्दा  बनाया, जिससे हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी भाजपा जीत गई। अखबार ने लिखा है कि नए कार्यकाल के लिए भाजपा सरकार को प्रचंड बहुमत है और संभव है कि इस बार मोदी कुछ बड़े फैसले लेकर देश को विकास पर ले जाएं।

ब्रिटेन मीडिया-

बीबीसी कहता है
बीबीसी ने प्रधानमंत्री मोदी को ज्यादा श्रेय देते ना हुए विपक्ष को कमजोर कड़ी का बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत पर मुहर लगाई बीबीसी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसलिए जीते क्योंकि उनके सामने विपक्ष कमजोर था।
 "कि एक बार फिर पीएम मोदी के सामने विपक्ष कमजोर था। विपक्षी दल राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत गठबंधन नहीं बना पाए। विपक्षी दल मिलकर कोई न्यूनतम साझा कार्यक्रम नहीं बना पाए। बीबीसी ने लिखा है कि भारत की राजनीति में यह मौका बिल्कुल अप्रत्याशित है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा के ध्रुवीकरण के माहौल में वोटर बढ़ गए हैं। वामपंथी कार्यकर्ताओं ने भी यहां भाजपा को वोट दिया। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के विधानसभा चुनावों में स्थानीय मुद्दे हावी रहे थे। राष्ट्रीय चुनावों में लेकिन लोगों ने कांग्रेस को एकतरफा नकार दिया। विपक्षी दल जनता को मोदी का विकल्प नहीं दे पाए।" बीबीसी ने आगे लिखा है कि जिस तरह यूपी में भाजपा ने सपा-बसपा के महागठबंधन का सामना किया उससे पार्टी मजबूत बनी और अपने दम पर बहुमत पार किया।

Reaction of foreigen media after winning Naredra modi's 2019 Lok Sabha election


द गार्जियन 
द गार्जियन ने पिछले 5 सालों में नरेंद्र मोदी के हुए विकास कार्यो पर मुहर लगाई और जीत का श्रेय दिया।
भाजपा की यह जीत दक्षिणपंथी पार्टी की जीत कम और मोदी के काम की ज्यादा है। मोदी ने जिस तरह से पिछले पांच सालों में देश-विदेश में जनमत बनाया और जमीनी स्तर पर विकास के काम किए वह पार्टी को जीत दिलाने के लिए विकास के काम किए वह पार्टी को जीत दिलाने के लिए काफी थे। इसके अलावा मोदी ने राष्ट्रवाद को जिस शैली में जन-जन तक पहुंचाया वह भी उसने भी उन्हें लाभ दिलाया।

चीनी मीडिया-

चाइना डेली कहता है, "ये चुनाव पीएम नरेंद्र मोदी पर जनमत संग्रह की तरह था। उनके सामने भारत के सबसे शक्तिशाली नेहरू-गांधी राजनीतिक घराने की चौथी पीढ़ी के राहुल गांधी की चुनौती थी। कई राज्यों में क्षेत्रीय दलों ने गठबंधन बनाकर मोदी को घेरने की कोशिश की। बावजूद इसके मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी जीती।"

पाकिस्तानी मीडिया

हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस जीत से बिल्कुल खुश नहीं है वहां के न्यूज़ चैनल तमाम विशेषज्ञ का यह मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता में वापसी पाकिस्तान के लिए शुभ संकेत नहीं है।
आज भी पाकिस्तान में तमाम न्यूज़ चैनल भारत या नरेंद्र मोदी की चर्चा आते ही 2002 दंगों का नाम लेना नहीं भूलते।

डॉन ने क्या लिखा
पाकिस्तानी अखबार द डॉन ने लिखा है, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह जबरदस्त जीत है. पीएम मोदी को दूसरी बार मिली जीत इस बात के संकेत हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर जो उन्होंने कहा वह उस मुद्दे पर अजेय हैं.''

द डॉन ने अपने अखबार में पीएम मोदी के ट्वीट को भी जगह दिया है
पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ''सबका साथ +सबका विकास+सबका विश्वास= विजयी भारत''

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